Ask For the Rain – वर्षा माँगो


“Ask of the Lord rain in the time of the latter or spring rain. It is the Lord Who makes lightnings, which usher in the rain and give men showers, and grass to everyone in the field.” Zechariah 10:1

In our walk of faith we sometimes go through a dry season. We can hardly open our mouth to pray, we find no words to worship and manage to read one passage from the Bible with great difficulty. It just feels very dry. You attend Sunday services and Bible studies but you do it as a matter of routine. You miss that refreshing excitement, zeal, hunger, thirst, passion and desire for the presence of God. This is a very unsafe place to be in. Of course, we may not experience His presence all the time but we should not be dry for a long time as it begins to weaken our soul and makes us vulnerable.

Ask God for the rain whenever you go through a dry season. Ask God to send the showers, soaking your soul and causing scriptures to flourish in your heart. We may be doing many Christian activities but God is the one who draws us closer to Him. He is the one who causes growth in us. Ask Him for the rain.

Let the dew of heaven fall upon my thirsted soul,
Let the dew of heaven fall on me.
Blessed Holy Spirit come and take control,
And Let the dew of heaven fall on me.

Prayer
Dear Lord Jesus, I come to you dry and tired. Draw me, oh Lord, and soak me in the rain of your presence. In Jesus’ name I pray, Amen.

बरसात केक अन्त में यहोवा से वर्षा माँगो, यहोवा से जो बिजली चमकाता है, और वह उसके वर्षा अवश्य देगा। और हर एक के खेत में हरियाली उपजाएगा।
(ज़कर्याह 10:1)

अपने विश्वास की यात्रा में हम कई बार नीरस समय से भी गुज़रते हैं। उस समय हम प्रार्थना करने को मुख भी नहीं खोल सकते हैं, हमारे पास शब्द नहीं होते हैं जिन से हम आराधना कर सकें और मुश्किल से हम बाइबल का वचन पढ़ पाते हैं। सब कुछ रसहीन सा लगता है। हम रविवार की सभा में जाते हैं, बाइबल शिक्षा के समय भी पहुँच जाते हैं पर केवल एक नियम की पूर्ति के लिए। उस समय सारी ताज़गी देने वाला उत्साह, जोश, वचन की प्यास, लगन, और परमेश्वर की उपस्थिति की प्यास सब कुछ का अभाव होता है। यह स्थान सबसे असुरक्षित स्थान है। यह अलग बात है कि कभी-कभी हम परमेश्वर की उपस्थिति का अनुभव नहीं कर पाते हैं, पर इस प्रकार कि स्थिति में अधिक देर तक रहना ठीक नहीं होता है क्योंकि यह हमारी आत्मा को कमज़ोर बना देती है और हम जल्दी से चोट खा सकते हैं।

हर बार जब आप निरस जीवन से गुज़र रहे हों तभी परमेश्वर से वर्षा के लिए विनती करें। परमेश्वर से वचनों की आशीष की वर्षा माँग लें। जिससे आप की आत्मा सदा फलती फूलती रहे। हम शायद अनेक मसीही गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं पर परमेश्वर वह है जो हमें अपने निकट ले आता है। वही हमारे जीवन में उन्नति और विकास का कारण है। सो उसी से आशीषों की वर्षा माँगे।

स्वर्ग की ओस तू मेरी आत्मा पर बरसने दे,
स्वर्ग की ओस तू मुझ पर बर्सा दे।
हे पवित्र आत्मा मुझ पर कबज़ा कर,
स्वर्ग की ओस तू मुझ पर बरसा दे।

प्रार्थना

प्रिय यीशु, मैं आपके निकट थका और नीरस जीवन ले कर आता हूँ। मेरा मुख आपसे प्रार्थना करने को भी नहीं खुलता है। हे प्रभु मुझे अपने निकट खींच कर अपनी उपस्थिति की आशीष की वर्षा से शराबोर कर दें। यीशु के नाम से माँग लेती हूँ। ।।आमीन।।

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One thought on “Ask For the Rain – वर्षा माँगो

  1. Jai mashi ..me jo kamata hu mere pas tikta nahi.mere ghar me pare sani hi pare sani hai shriman moje kiya karna chaye………me ek pararthana karwana chahta hu mene abi B.A.Fourm bhara hai mera man padne me nahi lag raha hai

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