A Promise of Preservation


My comfort in my suffering is this: Your promise preserves my life. Psalm 119:50

In the times when nothing comforts or consoles, you feel broken within and the whole world seems to be on one side and you on the other. Standing alone and forlorn. At such times the Lord comes softly and touches your heart with His loving balm that is His Word, and consoles and comforts you. He nudges you to look beyond, He says, ‘Don’t despair… this suffering will pass. You will make it to the other side. Hold on… See, here is My promise…’ As you look through the tears and read His promise… it cheers the heart. It is like the beautiful rainbow after the storm and rain washed everything away.

What a joy it is to know His love for us! When all is still within, His voice caresses us and fills dreams and visions in our minds. He is the Master Creator… He creates hope and rebuilds our broken dreams anew. He knows just what to do to set us back on the course to victory. What a loving, nurturing and caring God we have!

Prayer:
Dear Jesus, I tend to think that all is over when things go wrong. I fret so much, I complain and give up so soon sometimes. Thank you Lord for Your love for me, thank you that You don’t give up on me. I have nothing to hold on to – just You. It is so wonderful to know that You are all I need. I hold on to you and I know I will go on, I will arise and conquer all my fears… because Your Word, Your promise is with me and Your promise never fails. Jesus, I thank you for being there for me. Amen.

संरक्षण का वायदा

मेरे दुख में मुझे शान्ति उसी से हुई है, क्योंक तेरे वचन के द्वारा मैं ने जीवन पाया है। (भजन संहिता 119 का 50 पद)

ऐसे समय मे जब कोई भी सांत्वना नही होती और आप भीतर से टूट चुके होते हैं, और सारा संसार आप के विरोध में खड़ा होता है। जिस का सामना करने के लिए आप एक दम अकेले उदास और निराश खड़े होते हैं, तभी परमेश्वर आप के दिल को धीरे से छू देता है और अपने प्रेम का मरहम लगा देता है, जो उसके सामर्थी वचन में निहित है। वह आप को तसल्ली और सांत्वना देता है। वह आप को उत्साहित करता है कि अपनी दृष्टि कठिनाईयों से परे हटा कर अपने भविष्य की ओर लगाएँ। परमेश्वर ने कहा, “चिन्ता मत करो क्योंकि दुख की घड़ी जल्दी ही बीत जाएगी।” तुम भव सागर से जल्दी ही उस पार उतर जाओगे। केवल मेरे वायदे को थामे रहो। जब तुम नम आँखों से मेरे वायदों को पढ़ते हो, तब वह तुम्हें आनन्दित कर देगा। यह ठीक उसी प्रकार का अनुभव है जैसे वर्षा के तूफ़ान के बाद जो अपने साथ सारी गंदगी बहा कर ले जाता है और तब हम इन्द्रधनुष को देख कर एक अदभुत आनन्द अनुभव करते हैं।

कितना ही अदभुत अनुभव होता है जब हम जान जाते हैं कि परमेश्वर हम से प्रेम करता है !!! जब मन में सब कुछ शान्त हो जाता है और उसकी मीठी और कोमल आवाज़ हमारे अन्दर नए सपने और दर्शन भर देती है। यह इसलिए है क्योंकि वह सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता है। वही हमारे अन्दर आशा उत्पन्न करके हमारे टूटे सपनों को एक नया रूप दे देता है। वही जानता है कि किस प्रकार हमें विजय के मार्ग पर फिर से चलने को खड़ा कर सके। हमारा परमेश्वर कितना प्रेमी, पोशक तथा संरक्षण करने वाला है। सो आईए हम उस परमेश्वर से प्रार्थना कर के उसके संरक्षण को माँग लें।

प्रार्थना

प्रिय यीशु, जब मै सोचता हूँ कि सब कुछ सही से पूरा हो गया है, तभी कुछ न कुछ ग़लत हो जाता है। तब मैं तुरन्त घबरा कर शिकायत करने लगता हूँ और निराश हो जाता हूँ। प्रभु मेरे पास कोई सहायक नहीं है, जिसका हाथ पकड़ कर मैं आगे बढ़ सकूँ। पर धन्यवाद परमेश्वर आपके अदभुत प्रेम के लिए कि आप कभी भी मेरी ओर से निराश नहीं होते हैं। आप सदा आशा करते हैं कि किसी रोज़ मैं अवश्य बदल जाऊँगी। सच में आपके सिवा मेरा कोई और सहारा नहीं है। यह कितना अदभुत ज्ञान है कि मुझे आप के सिवा कुछ नहीं चाहिए। मैं केवल आप के हाथ को पकड़े रहूँ, क्योंकि मैं जानती हूँ कि आपके सहारे मैं सदा जीवन में आगे ही बढ़ती रहूँगी। आप के सहारे मैं उठ कर अपने सभी डर पर विजय प्राप्त कर लूँगी। यह इस लिए है क्योंकि आप का वचन मेरे साथ है और आपके वायदे सदा मरे दिल में बसे रहते हैं। मैं भली प्रकार जानती हूँ कि आपके वायदे कभी भी निष्फल नहीं होते हैं। मैं आप का धन्यवाद देती हूँ कि आप सर्वदा मेरे साथ हैं। ।।आमीन।।

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